राजामौली ने दो फिल्मों को मिलाकर बनाया नया संस्करण
मुंबई । सुपरहिट फिल्मों ‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ और ‘बाहुबली: द कंक्लूजन’ को एक साथ जोड़कर फिल्ममेकर एस.एस. राजामौली एक नया सिनेमाई अनुभव पेश करने जा रहे हैं। राजामौली की इस नई फिल्म का नाम ‘बाहुबली: द एपिक’ रखा गया है।
हालांकि, इस संयुक्त संस्करण में कई महत्वपूर्ण दृश्यों को हटा दिया गया है, ताकि फिल्म की कहानी और भावनात्मक प्रवाह को और अधिक सशक्त बनाया जा सके। हाल ही में एक इंटरव्यू में राजामौली, प्रभास और राणा दग्गुबाती ने बताया कि फिल्म में कई ऐसे सीन काटे गए हैं, जो पहले दर्शकों के बीच लोकप्रिय रहे थे। इनमें तमन्ना भाटिया का मशहूर गाना ‘पाचा बोट्टेसिना’ भी शामिल है। राजामौली के अनुसार, फिल्म का उद्देश्य केवल दोनों फिल्मों को जोड़ना नहीं था, बल्कि कहानी को इस तरह गढ़ना था कि दर्शकों को यह एक नई और निरंतर यात्रा जैसा अनुभव दे। निर्माताओं के अनुसार, ‘बाहुबली: द एपिक’ का प्रारंभिक रनटाइम 5 घंटे 27 मिनट का था, जिसे एडिटिंग के बाद घटाकर 3 घंटे 43 मिनट किया गया है।
इस दौरान कई सीन छोटे किए गए और कुछ पूरी तरह हटाए गए, ताकि कहानी का प्रवाह बाधित न हो। राजामौली ने बताया कि फिल्म के फाइनल कट से पहले इसे दो अलग-अलग दर्शक समूहों सिनेमा विशेषज्ञों और आम दर्शकों के लिए स्क्रीन किया गया, ताकि उनकी प्रतिक्रियाओं के आधार पर संपादन को और परिष्कृत किया जा सके। राजामौली ने यह भी साझा किया कि उन्हें इस प्रोजेक्ट का विचार करीब पांच साल पहले आया था।
उन्होंने शुरुआत में दोनों फिल्मों को लिनियर नैरेशन के रूप में जोड़ने की कोशिश की, लेकिन वह तरीका प्रभावी नहीं लगा। बाद में उन्होंने सीन को छोटा करने और कुछ हिस्सों को हटाने का निर्णय लिया, ताकि कहानी अपनी भावनात्मक गहराई और सिनेमाई प्रभाव को बनाए रख सके। राजामौली के अनुसार, हर सीन का अपना इमोशनल महत्व है, लेकिन कहानी को संक्षिप्त और सशक्त बनाए रखने के लिए कुछ त्याग करने पड़े। दर्शकों में अब इस नई एडिटेड फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्सुकता है।
CG SIR: छत्तीसगढ़ में कटे 25 लाख वोटर्स के नाम, फाइनल वोटर लिस्ट जारी, जानें कैसे चेक करें अपना नाम
CG – चाकूबाजी से दहली न्यायधानी : इस दिग्गज कांग्रेस नेता के बेटे पर हुआ जानलेवा हमला, युवकों ने कई बार किया चाक़ू से वार
टोल प्लाजा पर अब नहीं चलेगा कैश, 1 अप्रैल से छत्तीसगढ़ में भी लागू होगा नियम
ब्रेकिंग : पूर्व मंत्री कवासी लखमा बजट सत्र में होंगे शामिल, जानिए किन शर्तों का करना होगा पालन
फेल रही ट्रंप की टैरिफ नीति?: अमेरिका ने लगाया भारी शुल्क, फिर भी भारत से व्यापार घाटा 58.2 अरब डॉलर तक बढ़ा