भोपाल । भाजपा ने बड़े नेताओं विशेषकर मंत्री, सांसद और विधायकों को खंडवा और जोबट में चुनाव प्रचार की जवाबदारी सौंप रखी है। इसके अलावा छोटे नेताओं को भी प्रचार में भेजा जाना है। इंदौर से सूची तो भेज दी गई, लेकिन पूर्व पार्षदों और एमआईसी सदस्यों ने चुनाव प्रचार से कन्नी काट ली है तो कुछ एक-दो दिन के लिए मुंह दिखाई करके आ रहे हैं।
इंदौर संभाग की खंडवा लोकसभा और जोबट विधानसभा के उपचुनाव को लेकर भाजपा अब पूरी ताकत झोंकने जा रही है। संगठन वैसे तो चारों उपचुनावों को हलके में नहीं ले रहा है, लेकिन उसका जोर खंडवा लोकसभा पर ज्यादा है, जहां पार्टी में अंदरूनी खींचतान के चलते सीट बचाना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती है। बड़े नेताओं को चुनाव प्रचार में झोंकने के बाद अब दूसरी पंक्ति के नेताओं को भी पार्टी ने जवाबदारी दी है, लेकिन उनमें से अधिकांश नेता अपने-अपने क्षेत्रों में नहीं पहुंचे हैं। सूत्रों के अनुसार भाजपा के प्रदेश संगठन ने इंदौर संगठन से ऐसे नेताओं की सूची मांगी थी, जो वहां प्रचार करने जा सकते हैं। इस पर ग्रामीण और शहर की सूची अलग-अलग दी गई, जिसमें सवा सौ से अधिक नाम थे। इनमें पूर्व विधायक, पूर्व पदाधिकारी, पूर्व एमआईसी सदस्य और पूर्व पार्षदों के नाम भी शामिल थे, लेकिन इनमें से गिने-चुने नेता ही चुनाव प्रचार में नजर आ रहे हैं, बाकी  सभी चुनाव प्रचार से दूर हैं। सबके अपने अलग-अलग बहाने हैं तो कुछ नेता मुंह दिखाई के लिए खंडवा और जोबट पहुंचे हैं, जो रात तक वापस भी लौटकर आ रहे हैं। ऐसे नेताओं पर संगठन निगाह भी रख रहा है, ताकि समय पर आने पर उनसे सवाल-जवाब किया जा सके।