नई दिल्ली । वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जारी तनाव के बीच शिवसेना ने बुधवार को कहा कि अगर केंद्र सरकार द्वारा कड़े कदम नहीं उठाए गए तो चीन और पाकिस्तान एक साथ आ जाएंगे और भारत के अस्तित्व के लिए खतरा पैदा करेंगे। भाजपा का नाम लिए बगैर और उसे राजनीतिक ईस्ट इंडिया कंपनी बताते हुए पार्टी ने अपने मुखपत्र 'सामना' में कहा कि चीन घुसपैठ कर रहा है और भारत बातचीत में व्यस्त है। शिवसेना ने कहा कि भारत ने कठोर कदम नहीं उठाए तो चीन और पाकिस्तान एक साथ आकर हमारे अस्तित्व को चुनौती देंगे। देश की राजनीतिक ईस्ट इंडिया कंपनी को इसे समझना चाहिए। शिवसेना ने कहा, 'भारत की सीमा पर अशांति है। एक तरफ चीन तो दूसरी तरफ पाकिस्तान की सीनाजोरी और धक्का देना जारी है। लेकिन सरकार मस्त या सुस्त है। सीमा पर तनाव और खून-खराबा बढ़ गया है। कश्मीर घाटी में बेगुनाह लोगों को घर, स्कूल, खुली सड़कों पर गोली मारकर मार दिया जा रहा है। उसी घाटी के पुंछ में आतंकवादियों से लड़ते हुए पांच जवानों के शहीद हो जाने की खबर चिंता बढ़ानेवाली है। आतंकवादियों के विरुद्ध कार्रवाई शुरू है, यह स्वीकार है लेकिन उसमें हमारे सैनिकों की जनहानि बड़े पैमाने पर हो रही है। बांदीपोरा, अनंतनाग क्षेत्र में कुछ आतंकवादियों को मार गिराया ठीक है। लेकिन उसके बदले में हमारे पांच जवानों की बलि गई। इन आतंकवादियों का समर्थक दूसरा-तीसरा नहीं, बल्कि पाकिस्तान है। इतनी जानें जा रही हैं, ऐसे में हमने पाकिस्तान का क्या बिगाड़ लिया? यह सवाल ही है। शिवसेना ने कहा कि जो स्थिति कश्मीर में है, वही स्थिति चीन की सीमा पर भी है। पूर्वी लद्दाख में घुसे अपने सैनिकों को चीन पीछे लेने को तैयार नहीं। दोनों देशों की चर्चा की 13 बैठकें असफल साबित हुई हैं और कोई नतीजा नहीं निकल सका है। चीन के अधिकारी चर्चा के लिए बैठते हैं। चर्चा में विलंब करते हैं, आखिर में उन्हें जो चाहिए वही करते हैं। कोई भी रचनात्मक सुधार को स्वीकार करने के लिए चीन तैयार नहीं। पूर्वी लद्दाख पर चीन अपना हक जताता है और चीन ने बरजोरी से एकतरफा घुसपैठ की है। चीन एक नंबर का साम्राज्यवादी है। साम्राज्यवादी होने पर कोई आपत्ति नहीं है। आगे कहा गया कि चीन ने पाकिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, अफगानिस्तान जैसे देशों का निवाला निगलकर हिंदुस्थान की जमीन पर पैर रखने की तैयारी शुरू की है