बिलासपुर । जिले के कोटा ब्लॉक के कोटसागर दुर्गा मंदिर में दुर्लभ ब्रह्मकमल फूल पिछले 2 दिनो से रात में खिल रहा है जिसे देखने के लिए नगर के लोग उमड़ पड़े है । रात होते ही लोग इसके दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं । यह फूल हिमालय की वादियों में खिलता है और सिर्फ रात में ही खिलता है सुबह होते ही इसका फूल अपने आप बंद हो जाता है। अपनी विशेषताओं की वजह से यह दुनियाभर में लोकप्रिय है और लोग इसको देखने के लिए लालायित रहते हैं। यह एक ऐसा फूल है जिसकी पूजा की जाती है। इसमें खुद देवताओं का वास रहता है। भगवान ब्रह्मा के नाम पर इस फूल का नाम पड़ा था। माना जाता है इस फूल के दर्शन मात्र से अनेक इच्छाएं पूरी हो जाती हैं। 
कोट सागर दुर्गा मंदिर का निर्माण रिटायर्ड आईजी केसी अग्रवाल के पूर्वजों ने कराया था । जहां पिछले 5 वर्षों से रविंद्र शर्मा पुजारी है । पुजारी के पास 4 वर्ष पहले ब्रह्म कमल फूल के पौधे को रिटायर्ड आईजी ने भेजा था । तब इस ब्रह्मकमल के पौधे को लगाया गया था। उसमें बुधवार रात 11 बजे के बाद से दो ब्रह्मकमल एकसाथ खिल उठे।
ब्रह्मकमल खिलने की जानकारी लगते ही लोगों की भीड़ इसे देखने के लिए उमड़ पडी़ । जहां पर गुरुवार की रात में भी एक दुर्लभ ब्रह्मकमल खिला । यह ब्रह्मकमल फूल हिमालय की वादियों में 3 से 5 हजार मीटर की ऊंचाई पर पाया जाता है। इस दुर्लभ पुष्प का वानस्पतिक नाम सोसेरिया ओबोवेलाटा है।